शनिवार, 8 नवंबर 2008

3 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

madhukar bhai is navjat blog pr abhi tak kuchh dala nahi-khair aap jab bhi kuchh likhege to achha hi likhege mujhe aap pr pura bharosa h-apka chhta bhai dhirendra pratap singh durgvanshi

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' ने कहा…

आप का ब्लाग अच्छा लगा...बहुत बहुत बधाई....
एक नई शुरुआत की है-समकालीन ग़ज़ल पत्रिका और बनारस के कवि/शायर के रूप में...जरूर देखें..आप के विचारों का इन्तज़ार रहेगा....

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

ब्लॉग जगत में स्वागत है आपका .....उम्मीद है जरुर कुछ अच्छा पढने को मिलेगा ....!!